उज्जैन, 1 अक्टूबर। जनपद पंचायत उज्जैन की ग्राम पंचायत उमरिया जागीर में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण का सीधा असर एक परिवार के वर्षों पुराने सपने के पूरा होने के रूप में दिख रहा है। लाभार्थी श्री सांवरिया पिता श्री शंकरलाल (पीएमएवाई आईडी: MP-116628329) को वर्ष 2024-25 में योजना का लाभ मिला।
मैदानी क्षेत्र की इकाई सहायता ₹1,20,000 के साथ 90 दिवस की मज़दूरी का अभिसरण भी दिया गया।
श्री सांवरिया ने बताया कि पहले परिवार कच्चे मकान में रहता था। बरसात में छत और दीवारों की चिंता बनी रहती थी। पक्के और सुरक्षित मकान में परिवार के साथ सुख-शांति से रहने का सपना योजना से साकार हुआ। लाभ के बाद कच्चा मकान पक्के घर में बदल गया है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हृदय से आभार जताया और ग्राम पंचायत उमरिया जागीर तथा जनपद पंचायत उज्जैन का धन्यवाद किया, जिन्होंने लाभ दिलाने में सहयोग किया। आवास पट्टिका पर माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी के प्रति भी आभार है।
योजना का असर केवल ईंट-गारे तक सीमित नहीं है। पक्का आवास बरसात की असुरक्षा घटाता है, परिवार को स्थायी छत और सम्मान देता है, और निर्माण के दौरान स्थानीय मज़दूरी से रोज़गार भी जुड़ता है। केंद्र सरकार के मानदंड के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में इकाई सहायता ₹1.20 लाख है। इसके अतिरिक्त मनरेगा अभिसरण से अकुशल मज़दूरी के निर्धारित श्रम-दिवस तथा स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण के साथ शौचालय निर्माण के लिए separate सहायता का प्रावधान है। कैबिनेट ने 2024-25 से 2028-29 के लिए दो करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण आवासों को मौजूदा इकाई सहायता पर मंजूरी दी है।
उमरिया जागीर की यह सफलता कथा बताती है कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को कच्ची छत से सुरक्षित पक्के घर तक लाकर उनके जीवन में स्थिरता और आत्मसम्मान जोड़ रही है।

