भोपाल में एक निजी मीडिया समूह के ‘विकसित भारत, बढ़ता मध्यप्रदेश’ कॉन्क्लेव में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र की दिशा बताई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
मां और बच्चे की सेहत
श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश का लक्ष्य मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को शून्य स्तर तक लाना है। इसके लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना, मानव संसाधन, जांच और इलाज की सुविधाओं के साथ जन-जागरूकता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की जरूरी जांच समय पर हो, इसके लिए डॉक्टरों और आशा कार्यकर्ताओं के साथ परिवार और पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भूमिका जरूरी है। कुपोषित बच्चों और गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने से पहले ही देखभाल मिलनी चाहिए।
गांव तक डॉक्टर, स्क्रीन के जरिए
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर के जरिए गांवों में सेवाएं मजबूत की जा रही हैं और टेलीमेडिसिन से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह गांव तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, चिकित्सा अधोसंरचना, औद्योगिक विकास और पर्यटन पर भी अपनी बात रखी।


