खनिज साधन विभाग में चयनित 62 खनि निरीक्षकों को गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में नियुक्ति पत्र दिए गए। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए अधिकारियों से कहा कि वे पारदर्शिता और दक्षता से काम करके प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा में अग्रणी है। यहां की धरती से हीरा निकलता है और कोयले में भी प्रदेश समृद्ध है। उन्होंने नए निरीक्षकों के माता-पिता और परिवार के योगदान को भी याद किया और कहा कि ये युवा सिर्फ नौकरी नहीं, सेवा का अवसर पा रहे हैं।

खनिज आय में बढ़ोतरी

प्रमुख सचिव खनिज साधन विवेक पोरवाल ने बताया कि प्रदेश में खनिजों से होने वाली आय आठ-नौ हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपये हो गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में 72 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी। नए निरीक्षक खनिज राजस्व बढ़ाने के काम में लगेंगे।

प्रमुख सचिव ने यह भी बताया कि भारत सरकार ने नीलामी के जरिए प्रदेश में 33 कोयला खनन ब्लॉक आवंटित किए हैं।

रोजगार का आंकड़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते एक वर्ष में 85 हजार युवाओं को रोजगार और सेवा के अवसर उपलब्ध कराए हैं। यह आंकड़ा सरकार की ओर से दिया गया है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री कृष्णा गौर भी उपस्थित रहीं।